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कलेक्टर ने समय सीमा बैठक में मानसून तैयारियों की कि समीक्षा

01 समय सीमा बैठक

 

-जल निकासी, शुद्ध पेयजल एवं संचारी रोग नियंत्रण के दिए निर्देश

-संवेदनशील एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों की समयबद्ध सफाई तथा जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण पर विशेष जोर

-वर्षा ऋतु में मलेरिया, डायरिया एवं जल जनित रोगों की रोकथाम हेतु युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश

– स्वास्थ्य संस्थानों में जीवनरक्षक दवाओं, जांच किट, ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल.                                                                                                      सूरजपुर/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में आयोजित समय सीमा की बैठक में मानसून के दौरान संभावित आपदा से निपटने एवं जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियों तथा विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों एवं जल निकासी मार्गों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित आपदा प्रभावित स्थलों पर सतत् निगरानी रखने, विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा हर समय सतर्कता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी जल स्रोत – बोरवेल, हैंडपंप, कुएं, पानी टंकियां एवं अन्य पेयजल स्रोतों का नियमित रूप से क्लोरीनीकरण किया जाए तथा प्रत्येक स्रोत से पेयजल की सैंपलिंग एवं प्रयोगशाला में परीक्षण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने जल के प्रमुख स्रोतों के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत एवं उनकी समुचित सफाई कराने तथा लीकेज को तत्काल सुधार कर दूषित जल की समस्या समाप्त करने के निर्देश संबंधितों को दिए। उन्होंने पेयजल से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित करने की बात कहा।

बैठक में वर्षा ऋतु में संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कार्ययोजना बनाकर पुख्ता रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने तथा जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी के माध्यम से सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में मलेरिया, डायरिया सहित अन्य जलजनित एवं वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में गांव एवं पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने रोकथाम, शीघ्र पहचान एवं जनजागरूकता को मुख्य लक्ष्य बताते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती जमील ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जीवनरक्षक दवाओं, मलेरिया जांच किट, ओआरएस, जिंक टैबलेट एवं आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलेरिया अथवा डायरिया के मरीज मिलने पर तत्काल जांच, उपचार एवं नियंत्रणात्मक कार्रवाई की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच एवं पॉजिटिव मरीजों के त्वरित उपचार पर बल दिया।

डायरिया की रोकथाम हेतु कलेक्टर ने स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता, खुले में शौच से बचाव तथा ओआरएस एवं जिंक के उपयोग को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से घर-घर संपर्क बढ़ाने, गंभीर मरीजों को समय पर रेफर करने तथा नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, सर्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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